एक-दो दशक पहले उर्मिला मातोंडकर करोडो दिलो की धड़कन थी


आजकल सब उन्हें उर्मिला आंटी कहकर बुलाते  हैं।  लेकिन १९९० के दशक में फिल्म 'रंगीला' के रिलीज़ के बाद उर्मिला मातोंडकर एक सुपरस्टार बन गयी थी।  आज भी अपने मम्मी-पापा से पूछिये तो वे इस बात का समर्थन करेंगे। 





उर्मिला में ऐसी क्या बात थी की वे हिंदी फिल्म जगत में हेमा मालिनी, मधुबाला, नर्गिस, वहीदा रेहमान, श्रीदेवी और माधुरी दिक्षित की श्रेणी की अदाकारा मानी जा रही हैं?

उर्मिला का कद ज़्यादा नहीं हैं।  वे काफी नाटी हैं। वे एक बेहतरीन एक्ट्रेस हैं उसमे कोई दो राय नहीं।  लेकिन एक्टिंग स्किल्स के अलावा उनका शरीर एक बड़ा प्लस पॉइंट हैं।  आज तक उन्होंने अपना फिगर बनाये रखा हैं। उनकी बड़ी-बड़ी आँखें मनमोहक हैं।  उनकी हँसी मनमोहक हैं।  उनकी आवाज़ ज़्यादा मुलायम और ज़नाना नहीं हैं।  लेकिन उसमे खासियत है।  एक अधभूत आकर्षण हैं।  और सबसे बड़ी बात।  उनका स्वाभाव, उनका नेचर।  बहुत ही जोशीला। बहुत ही सजीव।

उर्मिला के चेहरे पर अब उम्र दिखने लगी हैं।  लेकिन शरीर पहला जैसा सुडोल हैं। लेकिन हिंदी फिल्मो की अभिनेत्रीओ  की यह खराब किस्मत हैं की ज़रा सी उम्र हो जाये तो उन्हें फिल्में मिलनी बंद हो जाता हैं।  शाहरुख़ खान, आमिर खान और अक्षय कुमार सब बूढ़े दिखने लगे हैं लेकिन उन्हें आज भी फिल्में मिलती हैं। लेकिन उर्मिला मातोंडकर को नहीं।  बॉलीवुड एक मर्द-प्रभुत्व जगह हैं।

उर्मिला का कुछ वर्ष पूर्व दिग्दर्शक राम गोपाल वर्मा के साथ सम्बन्ध की अफवाह फैली थी।  आज उर्मिला अकेली हैं।  और उतनी ही सुन्दर और मनमोहक। 

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