सुजांना मुख़र्जी: २ साल से चांस के खोज में

सुजांना मुख़र्जी।  आप में से कई पूछे  यह कौन है? स्वाभाविक हैं।  क्योंजी यह लड़की बॉलीवुड में अभी भी पाँव ज़माने की कोशिश कर रही हैं।  हम आज उनकी बात इसीलिए कर रहे हैं क्योंकि एक: वह चुलबुली है।  और दूसरा, उसकी एक बहु-चर्चित फिल्म "बदमाशियां" शायद  जल्द रिलीज़ होने वाली हैं। यह फिल्म कोर्ट-कचेरी में फस गयी हैं।  किसी और फिल्म से स्टोरी चुराने के जुर्म में। 

खैर।

बात करते हैं सुज़ाना मुख़र्जी की।  यह लड़की बॉलीवुड में नयी नहीं हैं।  २०१२ की फिल्म "जोकर" में एक छोटा सा रोल  किया था। उसके  बाद उसने दो और फिल्में की।  "टूटिया दिल" (२०१२) और "ट्रिप तू भानगढ़" नाम सुने हैं? मैंने तो नहीं सुने इस फिल्मो के नाम।

सुज़ाना "बदमाशियां" पर बड़ी आशा लगाके बैठी हैं।  इस फिल्म के अंग्रेजी अखबारों में काफी चर्चे हुए।  बनाने वाला की मार्केटिंग अच्छी हैं।

देखना पड़ेगा की फिल्म कैसी निकलती हैं।  और क्या सुज़ाना हम लोगों को प्रभावित कर पायेगी?

कुछ और जानकारी सुज़ाना के बारे में।  वोह यूक्रेन देश में बड़ी हुई। अरे बाप रे ! कहा से आई हैं यह लड़की? वोह पहली बार परदे पर आई टीवी पर।  एम टीवी रोडीज़   नामक शो में।  इमेजिन टीवी पर भी दिखी।

सुज़ाना का बायो डेटा कोई जानदार नहीं लगता।  देखते हैं "बदमाशियां" के बाद क्या होता है।





एक-दो दशक पहले उर्मिला मातोंडकर करोडो दिलो की धड़कन थी


आजकल सब उन्हें उर्मिला आंटी कहकर बुलाते  हैं।  लेकिन १९९० के दशक में फिल्म 'रंगीला' के रिलीज़ के बाद उर्मिला मातोंडकर एक सुपरस्टार बन गयी थी।  आज भी अपने मम्मी-पापा से पूछिये तो वे इस बात का समर्थन करेंगे। 





उर्मिला में ऐसी क्या बात थी की वे हिंदी फिल्म जगत में हेमा मालिनी, मधुबाला, नर्गिस, वहीदा रेहमान, श्रीदेवी और माधुरी दिक्षित की श्रेणी की अदाकारा मानी जा रही हैं?

उर्मिला का कद ज़्यादा नहीं हैं।  वे काफी नाटी हैं। वे एक बेहतरीन एक्ट्रेस हैं उसमे कोई दो राय नहीं।  लेकिन एक्टिंग स्किल्स के अलावा उनका शरीर एक बड़ा प्लस पॉइंट हैं।  आज तक उन्होंने अपना फिगर बनाये रखा हैं। उनकी बड़ी-बड़ी आँखें मनमोहक हैं।  उनकी हँसी मनमोहक हैं।  उनकी आवाज़ ज़्यादा मुलायम और ज़नाना नहीं हैं।  लेकिन उसमे खासियत है।  एक अधभूत आकर्षण हैं।  और सबसे बड़ी बात।  उनका स्वाभाव, उनका नेचर।  बहुत ही जोशीला। बहुत ही सजीव।

उर्मिला के चेहरे पर अब उम्र दिखने लगी हैं।  लेकिन शरीर पहला जैसा सुडोल हैं। लेकिन हिंदी फिल्मो की अभिनेत्रीओ  की यह खराब किस्मत हैं की ज़रा सी उम्र हो जाये तो उन्हें फिल्में मिलनी बंद हो जाता हैं।  शाहरुख़ खान, आमिर खान और अक्षय कुमार सब बूढ़े दिखने लगे हैं लेकिन उन्हें आज भी फिल्में मिलती हैं। लेकिन उर्मिला मातोंडकर को नहीं।  बॉलीवुड एक मर्द-प्रभुत्व जगह हैं।

उर्मिला का कुछ वर्ष पूर्व दिग्दर्शक राम गोपाल वर्मा के साथ सम्बन्ध की अफवाह फैली थी।  आज उर्मिला अकेली हैं।  और उतनी ही सुन्दर और मनमोहक। 

मूनमून सेन की दो अति ख़ूबसूरत बेटिया:राइमा सेन और रिया सेन


मूनमून सेन की दो अति ख़ूबसूरत बेटिया, राइमा  सेन और रिया सेन, आजकल क्या कर रही है?

पहले बात करते हैं खबरों में ज्यादा छाने वाली रिया सेन।  हम सब जानते है की हिंदी फिल्मो में काफी  गरम सीन्स करने के बाद भी रिया को सफलता नहीं मिली।  साउथ की फिल्मो (जहा गोरी चमड़ी वाली उत्तर भारतीय अभिनेत्रीओ की अच्छी मांग है) में भी बॉलीवुड फिल्मो जैसा ही हुआ।  कुछ दाल नहीं गली।  लेकिन बंगाली फिल्मो में रिया ने अच्छा खासा नाम कमाया हैं।

रिया सेन


लेकिन बॉय फ्रेंड के मामले में रिया को नॉन-बंगाली लड़के ही पसंद आये है।  कुछ समय पहले उनका अमीषा पटेल के फ्लॉप एक्टर भाई अस्मित पटेल के साथ अफेयर की खबरें बहुत गरमाई थी।  आजकल सुनने में आया है की रिया ने कोई नया बॉयफ्रेंड पसंद किया है।  शायद फिरंग है।  कुछ दिन पहले से उनकी इस नए बॉयफ्रेंड के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया में दिख रही हैं।  यह अंग्रेजी फुटबॉलर डेविड बेकहम जैसा दिखने वाला बॉयफ्रेंड कौन है यह रहस्य अभी तक बना रहा है। 

राइमा सेन 
और अब बात करे राइमा सेन की। राइमा अपनी बहेन रिया से थोड़ी  ज़्यादा कामयाब रही। लेकिन कलात्मक फिल्मो में, नाकि आम बॉलीवुड फिल्मो में। उनकी शरुआत अच्छी रही।  उनकी  "गॉडमदर" और "दमन" में काफी तारीफ़ हुई लेकिन बड़ी बॉलीवुड फिल्मो के दरवाज़े उनके लिए कभी नहीं खुले।  वह भी बंगाली फिल्मो में बड़ा डंका मार रही है। आजकल वह "बॉलीवुड डायरीज़" मैं एक वैश्या का रोल कर रही हैं। 

सं २०१३ मैं कलकत्ता के अंग्रेजी दैनिक "टाइम्स ऑफ़ इंडिया" के मुताबिक उस शहर के मर्दो को राइमा सेन नंबर वन औरत लगती है।  हम सहमत हैं। 


शरलिन चॉप्रा बचपन में बदसूरत थी!

आप इस बात को शायद मानेंगे नहीं।  आज की पटाका  हज़ारो नौजवानो की धड़कन : शर्लीन  चोप्रा बचपन में बदसूरत थी ! नहीं मानते तो देखिये तस्वीरों को।

उन्होंने अपना नसीब बदला प्लास्टिक सर्जरी द्वारा।  वह कहती हैं, " मैंने पहले कांटेक्ट लेंस पहने।  बाद में स्तन का ऑपरेशन करवाया।  और फिर सर्जरी करवा कर अपना रूप निखारा".

सही कहती है आप, मिस चोप्रा!

शर्लीन पहले ऐसी थी 


आज की शर्लीन।  ऑपरेशन के बाद 
इतना ही नहीं।  सुनिए क्या  कहती है यह लेडी।  उनकी विचारशैली परसे  पर्दाफ़ाश होता है।

"असली शर्लीन चोप्रा एक खराब लड़की हैं। हिम्मतवाली  और जांबाज़। मेरा एक अंश शर्मीला हैं।   मानेंगे नहीं लेकिन में एक शर्लिली व्यक्ति हूँ। "

"पुरुष से महिलाओ ज़्यादा पसंद करती हूँ।  मर्दो के मन में एक ही बात रहती हैं जो मुझे बोर कर देती हैं। मानसिक तौर पर में लड़कियों से बेहतर जुड़ सकती हू।"



"मेरी सबसे अच्छी चीज़ है मेरी मासूम आखें।  और मेरा स्वभाव बहुत ही क्रूर हैं।"


" मुझे ऐसा पुरुष पसंद होगा जो मेरे साथ रहने पर असुरक्षित महसूस न करे। जो  मेरे  सपनों को अपना समझे। में ऐसे पुरुष को अपना पति परमेश्वर मानूंगी। "